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झारखण्ड की धरती मानव संसाधन, खनिज एवं अन्य प्राकृतिक सम्पदाओं से परिपूर्ण है। साथ ही सर्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में बड़े एवं मंझले श्रेणी के कई औद्योगिक इकाईयों के कार्यरत रहने के कारण इस राज्य में औद्योगि विकास की असीम सम्भावनाएँ हैं। देश की अर्थ व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्र में तीव्र गति से विकास जरूरी है। औद्योगिक विकास के औद्योगिक शान्ति कायम रखना आवश्यक है। यह तभी सम्भव है जब श्रमिकों के लिए पर्याप्त एवं न्यायसंगत कलयाणकारी योजनाएँ लागू की जायें। उद्योगों को विकसित करने और श्रमिकों हेतु कल्याणकारी योजनाएँ लागू की जाये। उद्योगों को विकसित करने और श्रमिकों हेतु कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए ही श्रम नीति निर्धारित की गई है जिसको लागू कराने का दायित्व श्रम विभाग का है। विपक्षीय वार्त्ता तथा न्यायिक की गई है। जिसको लागू कराने का दायित्व श्रम विभाग का है। त्रिपक्षीय वार्त्ता तथा न्यायिक कार्रवाई द्वारा औद्योगिक इकाईयों के उत्पादन एवं उत्पादकता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो सके।
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