झारखण्ड विज्ञान एवं प्रावैधिकी परिषद् से संबंधित योजनाएं


राँची में क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र की स्थापना

राँची जिला के चिरौंधी ग्राम में क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र की स्थापना भारत सरकार एवं राज्य सरकार के समानुपातिक आर्थिक सहयोग से स्थापित किया जा रहा है। इस योजना का अनुमानित व्यय 6.50 करोड़ रूपये है। इसका निर्माण तारामंडल के लिए अधिग्रहित भूमि पर ही किया जा रहा है। इस केन्द्र को नवम्बर-2009 तक कार्यरत होने की संभावना है।

 
तारामंडल का निर्माण
परिषद् का यह एक महत्वाकांक्षी योजना है। राँची में तारामंडल का निर्माण कार्य भारत सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद्, NCSM  कोलकाता के द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। इस हेतु राँची शहर के चिरौंधी ग्राम में 10.13 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।
 
जिला विज्ञान केन्द्र-सह-तकनीकी पुस्तकालय की स्थापना
जिला स्तर पर विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की दिशा में छः जिलों यथा हजारीबाग, धनबाद, देवघर, बोकारो, दुमका एवं डाल्टेनगंज (पलामू) में जिला विज्ञान केन्द्र-सह-तकनीकी पुस्तकालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन केन्द्रों की स्थापना से वैज्ञानिक जानकारी छात्र/छात्राओं एवं आम व्यक्तियों को जिला स्तर पर प्राप्त हो सकेगा। इन केन्द्रों के संचालन हेतु संबंधित उपायुक्तों को प्राधिकृत करने का प्रस्ताव है जो PPP मोडल पर इसका संचालन कराएगें।
 
फौसिल पार्क की स्थापना
साहेबगंज जिले के राजमहल पहाड़ी क्षेत्र में एक जिवाश्म पार्क एवं साहेबगंज में बेस कैम्प टूरिज्म कम्प्लेक्स एवं संग्रहालय का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। इस कार्य हेतु पुरातत्व विभाग के तकनीकी संस्थान बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान, लखनऊ के परामर्श के अनुसार किया जाना है। इस योजना हेतु साहेबगंज में 7.25 एकड़ भूमि उपायुक्त, साहेबगंज द्वारा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया है। इस भूमि का निरीक्षण करने हेतु नेशनल बिलडिंग कन्स्ट्रक्शन कॉरपोरेशन(NBCC), राँची को परिषद् द्वारा प्राधिकृत किया गया है तथा बीरबल साहनी पुरावनस्पति संस्थान, लखनऊ के परामर्शानुसार NBCC को DPR तैयार करने हेतु कारवाई की जा चुकी है।
 
छात्रवृत्ति
विभागाधिनस्थ तकनीकी संस्थान में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं को प्रत्येक ब्राँचों के Terminal परीक्षा में उत्तीर्ण Toppers, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय को प्रोत्साहन स्वरूप छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
 
सेमिनार प्रचार एवं प्रसार
परिषद् के योजनाओं से संबंधित कार्य का प्रचार-प्रसार तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों से प्रस्ताव माँग कर परिषद् के कार्यकलापों से संबंधित कार्यशाला/सेमिनार पर कर्णाकित राशि व्यय का व्यय किया जाता है।
 
शोध एवं अनुसंधान कार्य

वैज्ञानिक शोध एवं अनुसंधान हेतु इच्छुक शोधकर्ताओं से जनोपयोगी विषय पर प्रस्ताव के समीक्षोपरान्त शोध कार्य के लिए चयन किया जाता है। इस हेतु उन्हें सहायता अनुदान दिया जाता है।