प्रशासनिक संगठन

झारखण्ड रात्य में गृह मंत्रालय माननीय गृहमंत्री के सीधे नियंत्रण में कार्यरत है। गृह मंत्रालय में गृह सचिव के अधीन निम्नलिखित पदाधिकारियों का पदस्थापन है :-

1) संयुक्त - 1
2) उप सचिव - 2
3) अवर सचिव - 3
4) निबंधक - 1
5) प्रशाखा पदाधिकारी - 12

इनके अतिरिक्त अनुसचिवीय संवर्ग के कुल 110 कर्मी कार्यरत हैं। विभाग में 12 प्रशाखाओं का गठन किया गया है, जिनके बीच कार्यो का विभाजन किया गया है।

गृह मंत्रालय के अधीन निम्नांकित निदेशालय भी हैं

1) पुलिस
2) कारा
3) गृह रक्षा वाहिनी
4) अग्निशाम सेवा
5) नागरिक सुरक्षा
6) सैनिक कल्याण

प्रशासनिक संगठन

थाना के स्वरूप एवं चरित्र में बदलाव की आवश्यकता हम सभी महसूस करते हैं। वास्तव में थाना ही सम्पूर्ण पुलिस-प्रशासन के स्वरूप, शैली एवं चरित्र को प्रतिबिम्बित करता है। थाना की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए जो कुछ भी प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्रवाई आवश्यक है किया जायेगा जिससे आम जनता के विचारधारा में पुलिस प्रशासन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो एवं जनता एवं पुलिस के बीच संवाद की स्थिति उत्पन्न हो सके।
प्रशासन में जन-सहभागिता के अवधारणा को भी अमलीजामा पहनाने की दिशा में सरकार कार्रवाई कर रही है। एक ओर जहाँ जनप्रतिनिधियों के साथ विधि-व्यवस्था के मुद्दे पर सतत्‌ बैठक आयोजित करने के निर्देश पुलिस अधीक्षकों को दिये गये हैं, वहीं दूसरी ओर सामुदायिक पुलिसिंग हेतु प्रत्येक जिला पुलिस अधीक्षक को राशि उपलब्ण्ध कराने का निर्णय लिया गया है। उग्रवाद प्रभावित जिलों में यह राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। उग्रवाद प्रभावित जिलों में यह राशि प्रति जिला 5.00 लाख रूपये तक हो सकती है। इसके अन्तर्गत जिला पुलिश प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि जन-कल्याण के लिए स्वास्थ्य शिविरों एवं सामाजिक समारोहों का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में करें।
हमारा यह प्रयास रहेगा कि थाना में दर्ज कांड के अनुसंधान की प्रगति से संबंधित व्यक्ति को अवगत कराया जाय एवं जनता के अधिकारों की सूची थानों में लगायी जाय।
पुलिस - प्रशासन को सृदृढ़ करने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण की योजनाएँ विभिन्न स्तरों के लिए प्रारम्भ की गई हैं। केन्द्र प्रायोजित एवं राज्य योजनाओं के तहत्‌ भी पुलिस आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है। 11 वें वित्त आयोग के तहत्‌ आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

इसी प्रकार कारा आधुनिकीकरण, अग्निशाम सेवाएँ एवं गृह रक्षा वाहिनी के उन्नयन की दिशा में भी गृह मंत्रालय प्रयत्नशील है।