स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान
- देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में अपनी आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने हेतु झारखण्ड सेनानी कोष का सृजन। स्वतंत्रता सेनानी पेंशन 430 रूपये से 1050 रूपये प्रतिमाह तथा अन्त्येष्टि अनुदान 500 रूपये से वृद्धि कर 1000 रूपये किया गया।
- स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके आश्रितों को देय विशेष भत्ता को 1000/- रूपये से बढ़ाकर 3000/- रूपये किया गया।
झारखण्ड आन्दोलन से जुड़े व्यक्तियों का सम्मान
- अलग झारखण्ड राज्य के सृजन हेतु आन्दोलन से जुड़े 340 मुकदमों में कुल 3216 आन्दोजनकारियों के विरूद्ध दायर मुकदमों की वपसी एवं मृत व्यक्तियों के आश्रित को पचास-पचास हजार रूपये तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को पच्चीस-पच्चीस हजार रूपये क्षतिपूर्ति की स्वीकृति।
राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद से संबंधित मुदकमा
- राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद आन्दोलन से जुड़े 60 (साठ) मुकदमों में कुल 583 व्यक्तियों के विरूद्ध दायर मुकदमों की वपसी।
रिक्त पदों पर नियुक्ति
- पुलिस की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ। प्रथम चरण में पुलिस के कुल 3451 पदों पर बैकलॉग रिक्तियों पर नियुक्ति पूर्ण की गई।
- द्वितीय चरण में 12741 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की गयी है।
ग्रामीण पुलिस व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
- राज्य में चौकीदार/दफादार नाम से भिन्न नाम से पदधारकों यथा दिगवार/घटवार/सरदार की सेवा दिनांक 01.01.1990 से ही चौकीदार/दफादार के अनुरूप चतुर्थवर्गीय कर्मचारी घाषित करते हुए कुल 557 व्यक्तियों को विनियमित किया गया।
- सरायकेला-खरसाँवा जिलान्तर्गत कुचाई, खरसाँवा, सरायकेला, राजनगर एवं गम्हरिया प्रखण्डों में चौकीदारी प्रथा लागू करने हेतु कुल 441 (चार सौ एकतालीस) नये बीटों की स्वीकृति एवं चौकीदारों के पद का सृजन।
- पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिलान्तर्गत (कोल्हान एवं पोड़ाहाट) क्षेत्र के परम्परागत ग्राम प्रधान यथा मानकी, मुण्डा एवं डाकुवा को क्रमशः 1500/- (एक हजार पाँच सौ), 1000/- (एक हजार) एवं 599/- (पाँच सौ) रूपये प्रतिमाह की दर से झारखण्ड राज्य सृजन की तिथि से सम्मान राशि की स्वीकृति।
पुलिस आधुनिकीकरण योजना
- पुलिस बल के आधुनिकीकरण एवं सृदृढ़ीकरण के लिए कुल 200 करोड़ रूपये की योजना कार्यान्वित की जा रही है।
- लगभग 90.00 करोड़ रूपये के व्यय पर पुलिस के विभिन्न भवनों आदि के निर्माण का कार्य प्रारम्भ।
- सैटेलाईट आधारित पुलिस संचार व्यवस्था का कार्य प्रारम्भ।
- भवनहीन थाना भवनों को भवन उपलब्ध कराने की योजना के तहत् कुल 23 नये थानों का कार्य प्रारम्भ।
- आवासीय योजना के तहत् कुल 4.00 करोड़ की योजना एवं 8 पुलिस लाईन का निर्माण कार्य प्रारम्भ।
- सभी जिला मुख्यालयों में कम्पोजिट नियंत्रण कक्ष स्थापित। राज्य मुख्यालय में मुख्य नियंत्रण कक्ष हेतु पदों का सृजन ।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सघन अभियान हेतु कुल 550 वाहन, 56 बुलेट अवरोधक जिप्सी, 10 बारूद अवरोधक वाहन तथा अत्याधुनिक हथियार जिलों को उपलब्ध कराया गया।
- चार नई बटालियन का गठन हेतु पदों का सृजन किया गया। इसके अतिरिक्त एक नया इंडिया रिजर्व बटालियन का गठन किया जा रहा है। दूसरी इंडिया रिजर्व बटालियन के गठन हेतु कार्रवाई प्रारम्भ है।
- पुलिस प्रशिक्षण हेतु पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों को सुदृढ़ किया गया।
- चार सशस्त्र पुलिस वाहिनियों में प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की स्वीकृति।
- अपराध अनुसंधान को वैज्ञानिक आधार देने हेतु राज्य मुख्यालय में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के भवन का निर्माण कार्य प्रारम्भ।
- राज्य के 18 जिलों में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (चलन्त) स्थापित करने की कार्रवाई अंतिम चरण में।
- उग्रवाद से निपटने हेतु दो हेलीकॉप्टर क्रय किया गया है।
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