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क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रमण्डलय स्तर पर एक उप-निदेशक (खद्य), अनुभाजन स्तर पर राँची एवं जमशेदपुर में विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी एवं धनबाद जिले में अपर समाहर्त्ता (आपूर्ति) का पद स्वीकृत है। इसके अलावा जिला स्तर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनमण्डल स्तर पर सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी, (अनुभाजन स्रूतर पर पणन पदाधिकारी) तथा आपूर्त्ति निरीक्षक कार्यरत हैं। पूर्व से मात्र सात जिलों यथा- राँची, प0 सिंहभूम (चाईबासा), हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, पलामू तथा दुमका में ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी का पद सृजित था। शेष जिलों में जिला आपूर्ति पदाधिकारी के पद सृजित नहीं थे। इन जिलों में उपायुक्तों द्वारा कार्यपालक दण्डाधिकारी के माध्यम से आपूर्ति विभाग के कार्यो का सम्पादन उन्हें अतिरिक्त प्रभार दिला कर कराया जाता था। पदाधिकारियों की कमी के कारण कार्य सम्पादन में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। इसकों ध्यान में रखकर सभी पाँच प्रमण्डलों में उप-निदेशक (खाद्य) का एक-एक पद एवं सभी जिलों में जिला आपूर्ति पदाधिकारी का एक-एक पद सृजित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी मुफस्सिल अनुमण्डलों में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी का एक-एक पद तथा प्रत्येक दो प्रखण्डों पर एक पणन पदाधिकारी एवं सभी प्रखण्डों में एक-एक आपूर्ति निरीक्षक का पद स्वीकृत किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर स्वीकृत पदों एवं कार्यरत बलों का पूर्ण व्योरा परिशिष्ट-2 में दिया गया है। |
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खाद्यएवंउपभोक्तामामलेनिदेशालय - भारत सरकार से आवंटित खाद्यान्न का उपावंटन, चीनी एवं किरासन तेल के उठाव एवं वितरण, उसपर नियंत्रण एवं अनुश्रवण तथा उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा आदि से संबंधित मामलों के सफल कार्यान्वयन हेतु खाद्य, आपूर्ति एवं वाणिज्य विभाग के अधीन ''खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय'' का सृजन विभगीय अधिसूचना संख्या 154 दिनांक 4.2.2005 के द्वारा किया गया है। इसका मुख्यालय राँची में रहेगा। गजट में अधिसूचना की प्रति परिशिष्ट-3 पर है। निर्देशालय स्तर पर पदों की स्वीकृत संख्या एवं कार्यरत बल परिशिष्ट-4 पद द्रष्टव्य है। |