झारखण्ड राज्य के सृजन के उपरान्त सरकारी भवनों से सम्बन्धित समस्याओं को दूर करने की दिशा में भवन निर्माण विभाग प्रयासरत है।
सभी सरकारी आवासीय एवं गैर आवासीय भवनों का निर्माण तथा संधारण भवन निर्माण विभाग का दायित्व है। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों द्वारा सौंपे गये भवन निर्माण कार्य भी इसी विभाग द्वारा कराये जाते हैं।
राजधानी, राँची में कार्या्रलयों तथा आवासों की समस्या को दूर करने की दिशा में विभाग द्वारा एच0 ई0 सी0, सी0 एम0 पी0 डी0 आई0 एवं मेकन लि0 इत्यादि से कुछ भवनों को किराया पर फिलहाल लिया यगा है। विभिन्न संस्थानों से कार्यालय तथा आवास हेतु किराये पर लिये गये भवनों की सूची परिशिष्ट -! में दर्शाई गई है। एच. ई. सी. से प्राप्त लगभग 900 आवासों में से विधानसभा पूल में 175 आवास दिये गये हैं एवं शेष आवास अन्य पदाधिकारीयों एवं कर्मचारियों को आवंटित किये गये हैं।
- राज्य सृजन के उपरान्त अभियंत्रण सेवा संवर्ग का बंटवारा अभी तक नहीं हो पाने के चलते विभाग अपने जरूरत के अनुसार पद सृजन अथवा नियुक्ति की कार्रवाई करने में कठिनाई का अनुभव कर रहा है। वर्तमान में भवन निर्माण विभाग के अभियंत्रण संवर्ग में उपलब्ध स्वीकृत बल एवं कार्यरत बल को परिशिष्ट-2 में दर्शाया गया है।
- भवन निर्माण विभाग में चालू वित्तीय वर्ष में निरूपण एवं अनुश्रवण संस्था का सृजन उपलब्ध स्वीकृत बल के अन्तर्गत किया गया है, परन्तु अभियन्ताओं की कमी के कारण उन संस्थाओं का परिचालन आशानुरूप नहीं हो पाया है। अभियन्ताओं की कमी रहते हुए भी राज्य सरकार के आशानुरूप विभाग अपनी कार्य दक्षता का सफल प्रदर्शन करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
- वित्तीय वर्ष 2002-2003 में योजना एवं गैर योजना मद में उपबंधित राशि क्रमशः रूपये 48.51 करोड़ एवं रूपये 55.47 करोड़ के विरूद्ध कुल व्यय रूपये 41.96 करोड़ एवं रूपये 47.92 करोड़ हुआ है।
- वित्तीय वर्ष 2003-2004 में गैर योजना मद एवं योजना मद में कुल क्रमशः रूपये 56.04 करोड़ एवं रूपये 46.00 करोड़ को प्रावधान है। उसके अतिरक्त केन्द्र चालित योजनाओं से अब तक विीााग को 77.40 करोड़ का प्रावधान है। उसके अतिरिक्त केन्द्र चालित योजनाओं से अब तक विभाग को 77.40 लाख रूपये प्राप्त हुआ है। गैर योजना मद में अब तक 40.41 करोड़ का आवंटन दिया गया है।
- भवन निर्माण विभाग का कुल कुर्सी क्षेत्रफल लगभग 2,50,00,000 वर्ग फीट है। प्राथमिकता के आधार पर गैर योजना शीर्ष के अनुरक्षण मद शीर्ष में उपबंधित राशि रूपये 22 करोड़ से भवनों का संधारण इस वित्तीय वर्ष में किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2004-05 में माँग की गई राशि से प्राथमिकता के आधार पर अन्य भवनों का संधारण किया जाएगा।
- योजना बजट में कुल उपबंधित राशि (चालू वित्तीय वर्ष) 46 करोड़ के विरूद्ध चालू एवं नई योजनाओं को मिलाकर 67.00 करोड़ की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष में योजना की स्वीकृति के चलते कार्य बाधित न हो। योजना मद में उपबंधित राशि से लगभग 40.00 करोड़ राशि का आवंटन फरवरी माह के मध्य तक किया गया है।
- भवन निर्माण विभाग द्वारा अब जिन भवनों का निर्माण नये सिरे से किया जा रहा है, उन भवनों को पूर्व में निर्मित भवनों से भिन्न अच्छी वास्तुकला के साथ बनाया जा रहा है, ताकि नवनिर्मित भवनों को आवर्षक बनाया जा सके।
- विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में चलाये जा रहे विभिन्न प्रमुख निर्माण कार्य निम्नवत् है :-
7 जिलो में विकास भवन सहित समाहरणालय भवनों का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि एक ही ''काम्प्लेक्स'' में विकास सम्बन्धित सभी कार्यालय, पुलिस कार्यालय सहित रखे जाऐंगे, ताकि आम जनता को सभी सरकारी पदाधिकारियों से सम्पर्क स्थापित करने में आसानी हो।
राज्य पुनर्गठन के बाद परिसदन भवनों क काफी कमी महसूस की जा रही थी। इस कमी को दूर करने के लिए कुल 9 जिलों में नये परिसदन भवन बनाने का कार्य किया जा रहा है एवं इसके अलावे अन्य परिसदन भवनों का निर्माण कार्य चालू योजनाओं के तहत् कराया जा रहा है।
जिन जिलों में उपयुक्त, आरक्षी अधीक्षक तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास उपलब्ध नहीं है, उनके आवास निर्माण का कार्य भी कराया जा रहा है। उपायुक्त एवं आरक्षी अधीक्षक का आवास 9 स्थानों पर एवं जिला सत्र न्यायाधीश तथा परिवार न्यायालय आवास 11 स्थानों पर बनाया जा रहा है।
राज्य के विभिन्न स्थानों में न्यायालय में लम्बित मामलों को ध्यान में रखत हुए 11वें वित्त आयोग द्वारा दिए गए निदेश के क्रम में कुल 89 फास्ट टै्रक कोर्ट का निर्माण किया रहा है, जिनमें से 70 स्थानों पर कार्य संपादित कर भवनों का हस्तान्तरण किया जा चुका है। जमशेदपुर में 40 कोर्ट के साथ बार काउंसिल के भवन सहित एक न्यायालय कॉम्प्लेक्स तथा धनबाद में 28 कोर्ट के साथ एक न्यायालय कम्प्लेक्स का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। न्यायालय की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न जिलों में न्यायालय भवनों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। विभिन्न कोर्ट भवनों के निर्माण कार्य हेतु कुल रूपये 30.02 करोड़ की स्वीकृति दी गई है जिसमें से अब तक किया गया व्यय रूपये 27.80 करोड़ है। फास्ट ट्रैक कोर्ट भवनों की कुल स्वीकृत राशि रूपये 7.36 करोड़ में से अब तक किया गया व्यय रूपये 4.79 करोड़ है। इसी प्रकार न्यायिक आवासीय योजना की कुल स्वीकृत राशि रूपये 9.91 करोड़ के विरूद्ध व्यय रूपये 7.47 करोड़ है।
प्रोजेक्ट भवन में कार्यालय की कमी को ध्यान में रखते हुए इसके ऊपर अतिरिक्त दो तल्ले को निर्माण कार्य कराया गया है। इसी प्रकार नेपाल आउस स्थित संयुक्त कार्यालय भवन के ऊपर भी एक अतिरिक्त तल्लर कर निर्माण किया गया है।
होटवार, राँची में बिरसा मुण्डा आदर्श केन्द्रीय कारा का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इस भवन का वास्तुविद् एवं निरूपण कार्य आधुनिक तथा आकर्षक शैली में किया गया है।
नई दिल्ली में झारखण्ड भवन के निर्माण हेतु बसंत बिहार में ली गई जमीन में यह भवन बनाया जाना है। चालू वित्तीय वर्ष में इस भवन का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया है।
आर. एम. सी. एच., राँची, पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज, धनबाद में 100 शैय्या वाले छात्रावासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन का हस्तान्तरण यिका जा चुका है। एम. जी. एम., जमशेदपुर मे ंछात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
भगवान बिरसा मुण्डा की जन्मस्थली उलिहातु ग्राम में भी कई आकर्षक व उपयोगी भवनों का निर्माण कार्य सम्पादित किया गया है।
कुल 6 अनुमंडलों (मधुपुर, छतरपुर, चक्रधरपुर, रामगढ़, नगरउँटारी एवं हुसैनाबाद) में अनुमण्डलीय कार्यालय बनाने की योजना की स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी है। वित्तीय वर्ष 03-04 में मधुपुर एवं छतरपुर में अनुमण्डलीय कार्यालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है। शेष स्थानों पर जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
- राज्य सृजन के उपरान्त जिन भवनों के निर्माण कार्य विभाग द्वारा संपादित किये गये हैं उसकी सूची परिशिष्ट-3 में दी गयी है।
- योजना मद में वित्तीय वर्ष 2003-04 का उपबंध एवम् आवंटित राशि तथा वित्तीय वर्ष 2004-05 के लिये प्रस्तावित राशि की विवरणी परिशिष्ट - 4 में दी गई है।
- गैर योजना मद में वित्तीय वर्ष 2003-04 में उपबंधित राशि, अब तक किया गया आवंटन एवं वित्तीय वर्ष 2004-05 के लिये प्रस्तावित राशि परि- 5 में दी गयी है।
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